Friday, July 28, 2023

टूटा हुआ आसमान


मज़हबी सूरमाओं का ये ऐलान है

के ये टूटा हुआ आसमान हैं

वो जिस टुकड़े के साये में तुम पले थे

वो किसी और की दुकान है


सियासती हुक्मरानों का ये पैग़ाम है

के ये टूटा हुआ आसमान है

परंदे भले आज़ाद हों उड़ान भरने को

मगर तू तो महज़ इंसान है


तेरे लिये तो ये

टूटा हुआ आसमान है


किसे फ़ुरसत है तुझे नेकियों में तोलने की

ख़ुदा पर और बहुतेरे काम हैं

बस जो मोहर लगी है पट्टों पर

वही तेरी पहचान है


मज़हब ही नहींतेरी जन्नतें भी अलग हैं

कुछ इस आसमान में कुछ उस आसमान में

तेरा भाईचारे का पैग़ाम बड़ा थोथा है

तूने कायनात को तोड़ने का किया काम है


देख जरा गौर से

कितना टूटा हुआ तेरा ये आसमान है


ज़मीनोंपहाड़ों को नदियों को तू ने काट दिया

सागरों और आसमानो तक को तू ने बाँट दिया

फिर भी तुझे माफ़ कर देता में

पर तुझ पर दिलों को बाँटने का इल्ज़ाम है


तूने ही तोड़ा है इसे

जो ये टूटा हुआ आसमान है

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