आओ देखो आओ देखो
हमने कैसी तोप मारी
यहाँ से वहाँ तक वहाँ से यहाँ तक
सारी ज़मीन नाप डाली
घोड़े भी हम, चाबुक भी हम
हम ही बने सवार
तकबक तकबक हम ने की
घुड़सवारी
हिरन ताके, कछुआ चौंका
इनको लग गई क्या बीमारी
बिना आग जंगल से भागें
क्यों ये विचित्र प्राणी
पंछी जैसे रंग बिरंगे ये
कपड़े और जूते धारी
मोर के जैसे बन ठन के निकले
इनकी रोज़ सवारी
टुकड़ा वही ज़मीन का नापें
रोज़ के रोज़ ये संसारी
मिनट मिनट पर हाथ उठावे
जहां मशीन लगी है भारी
बगुला भगत है असमंजस में
कया मत इनकी गई है मारी
ना मछली पकड़ें ना करें नज़ारा
इतनी जल्दी में हैं ये प्राणी
सर्दी गर्मी शाम सवेरा
कुछ ना लगता इनको भारी
जाने कौन सी मजबूरी में करते
मेहनत इतनी सारी
कभी एक कभी पूरी पलटन
आगे जाकर लौटी सारी
यहाँ से वहाँ तक वहाँ से यहाँ तक
सारी ज़मीन नाप डाली
आओ देखो आओ देखो
हमने कैसी तोप मारी
यहाँ से वहाँ तक वहाँ से यहाँ तक
सारी ज़मीन नाप डाली
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