Friday, July 28, 2023

तोपची


आओ देखो आओ देखो

हमने कैसी तोप मारी

यहाँ से वहाँ तक वहाँ से यहाँ तक 

सारी ज़मीन नाप डाली


घोड़े भी हमचाबुक भी हम

हम ही बने सवार

तकबक तकबक हम ने की 

घुड़सवारी


हिरन ताकेकछुआ चौंका

इनको लग गई क्या बीमारी

बिना आग जंगल से भागें

क्यों ये विचित्र प्राणी


पंछी जैसे रंग बिरंगे ये

कपड़े और जूते धारी

मोर के जैसे बन ठन के निकले

इनकी रोज़ सवारी


टुकड़ा वही ज़मीन का नापें

रोज़ के रोज़ ये संसारी

मिनट मिनट पर हाथ उठावे

जहां मशीन लगी है भारी


बगुला भगत है असमंजस में

कया मत इनकी गई है मारी

ना मछली पकड़ें ना करें नज़ारा

इतनी जल्दी में हैं ये प्राणी


सर्दी गर्मी शाम सवेरा

कुछ ना लगता इनको भारी

जाने कौन सी मजबूरी में करते

मेहनत इतनी सारी


कभी एक कभी पूरी पलटन

आगे जाकर लौटी सारी

यहाँ से वहाँ तक वहाँ से यहाँ तक 

सारी ज़मीन नाप डाली


आओ देखो आओ देखो

हमने कैसी तोप मारी

यहाँ से वहाँ तक वहाँ से यहाँ तक 

सारी ज़मीन नाप डाली

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