Tuesday, December 13, 2022

मुंहदिखाई


(उड़ता तीर देख कर

कबहु ना लगा छलांग

घुस जावे मुआं इघर उघर 

जो खुली रह गईं टांग)



कमबख्त दोस्तों के चलते हमारी वाट लग गई

जो भागते हैं जैसे के खोपड़ी में आग लग गई

ऊपर से Strava ने ले रखी थी जान

सबकी अपडेट्स पढ़ते पढ़ते हम हो गये थे परेशान


तो हमने भी जोश में आकर रेस साइन कर ली

किसी और की मुसीबत अपने गले मढ़ ली

अब weekly Mileage सोच कर सूखता है दम

एक बीयर का शौक था वो भी हो गया कम


संडे रिलैक्स करते थे पर अब दिल दहलता है

Saturday शाम से ही long run का बुखार चढ़ता है

जितनी दूर नौकरी के लिये भी चलाते नहीं थे कार

उतना तो हर Sunday को दौड़ते हैं आज


पर कितना भी भागें सबसे स्लो भी हमीं हैं

Strava कह चुका के हमें जीने का हक भी नहीं है

उधर रिश्तेदार सोचते हैं के दौड़ कर extra कमाई होती है

किस मुंह से कहैं कि सिर्फ पिलाई होती है


आखिरकार रेस में पैरों की मुंहदिखाई हुई

२० मील के बाद जो कुटाई हुई

करने चले थे पी आर लेकिन पी निकल गया

हजारों लोगों के सामने जग हंसाई हुई


किस को दैं इल्जाम किस से क्या कहैं

क्या बहाना बनायें के इस बेइज्जती से हम बचें

Cramp का बहाना तो लोग पहले ही कर चुके

चाहते हैं सिर्फ के कोई रेस के बारे में ना पूछे


बीवी होती तो उस पर लगा देते इल्जाम

खाना ठीक से नहीं खिलाते हो इस लिये हुआ ये हाल

भूखे पेट दौड़ रहे थे यूं हुए बेहाल

और तुम्हारी मां तक cheer करने नहीं आईं

वरना तो पी आर की हम कर देते पिलाई


आखिर अब टूट फूट कर बिस्तर में पड़े हैं

“you can do it” के शूल दिल में अब भी गड़े हैं

लेकिन वहां भी नहीं छुप पा रहे हैं हम

well done के message होते नहीं खतम


हफ्ते दो हफ्ते दो हफ्ते तो सबसे बचते फिरे थे हम

दोस्तों के साथ drinks भी कर दिये खतम

वैसे इन्सानों में तो हम अभी भी शेर हैं

लेकिन कोई अगली रेस की पूछेगा तो वीं ढ़ेर हैं


No comments:

Post a Comment