हर शक्स यहां खुश रहने के लिये परेशान है
खुशियां मगर ढूंढ़ती एक खुश्नुमां इन्सान हैं
हर मुसाफिर मन्जिलों की फिराक में भटका हुआ
मन्जिलें पर थक गईं मुसाफिरों के इंतजार में
हर दुआ पूरी करे ये है खुदा की आरजू
लाखों दुआऐं पर उड़ती फिरें खुदाई की तलाश में
हर चिराग अंधेरों से लड़ने को बेताब पर
रातें अंधेरी मायूस हैं रौशनी के इंतजार में
नेकियां करने की हसरत हर इंसां के सीने मैं मगर
तलाश रीं नजरें मगर नेकियां इस जहान मैं
हुनर देखो ढ़ूढ़ता के कद्र कोई उस्की करे
हर इंसां मगर मसरूफ है हुनर की तलाश में
आशिक देखो मुहब्बतें ढ़ूढ़ता दर दर फिरे
मुहब्बतें पर सिसक रहीं आशिकों के इंतजार में
एक दूसरे से मिलने को दोनों सिरे बेताब पर
मिल सके ना किस तरह जिन्दगी की धूप छांव में
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