आज जन्म दिन की शुबकामनाओं के साथ
उम्र भी आ गयी मिलने
मैं थोड़ा हड़बड़ाया to tha
लेकिन घर आए मेहमान को लौटता कैसे
मुस्कुरा रही थी मुझे देख कर
अब बदल गए हो
बचपन में तो सबको मेरे बारे में बताते थे
वो भी बढा चढा कर, और अब साल भर आँखें चुराते हो मुझ से
नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है
मैंने खींसे निपोरते हुए कहा
वो देखती रही मेरी ओर
मैं अगले शब्द दूँधता रहा
कोई नयी बात नहीं है, वो मुझे राहत देने के लिए बोली
सबका वही हाल है
20-25 तक तो trophy girlfriend सी होती हूँ सबकी
सबसे मिलाते हैं, सीना फुलाकर
फिर जैसे उम्र नहीं कोई बीमारी लग गयी हो
ज़िक्र भी नहीं करता कोई
सब छुपाते फिरते हैं
कोई पूछता भी नहीं, के बेचारे को बुरा लगेगा
जब तीस होती है उमर, तो पच्चीस अच्छा लगता है
जब चालीस के हुए तो तीस, और लड़कियान का तो और भी बुरा हाल है
19-20 साल की उम्र, जब ना अकल थी, ना जवानी भोगी थी
बस उसी के प्यार में पड़ी हैं
अच्छा अब चलूँगी, लेकिन छोटी सी एक बात कहती हूँ
जिंदगी में सिर्फ़ एक सिक्का क़ीमती है जो खर्च हो जाता है
वो है तुम्हारी साँसें
और मैं उन्हीं का एकमात्र मापदंड हूँ…
बहुतों के पास तो अब जा भी नहीं सकती मिलने
लेकिन तुम्हारे पास अभी भी आती हूँ
मैं भी ख़ुश होकर उँगलियों पर गिने सारे साल जिए हुए साल
और जाते जाते उसे भी अगले साल फिर आने का न्योता दे दिया.
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